
मौसम तो यूँ ही बदलेंगे,
तुम अपना खयाल रखना,
खुशियों को बचा के सीने में अपने,
ब-हर-हाल रखना ।
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कोई और जवाब नहीं देगा,
चाहे जितना भी तुम पूछोगे,
खुद के लिये बचाकर तुम,
अपने सारे सवाल रखना ।
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यह जिंदगी तुम्हारी है,
और ये रास्ते भी तुम्हारे हैं,
इशारे भी बहुत सारे होंगे,
सीधी अपनी चाल रखना ।
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हर तरह की बातें होंगी,
उनके असर अलग-अलग होंगे,
सम्हाल नहीं पाओगे उनको,
उन्हे न दिल में पाल रखना ।
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सिर्फ तेरी ही नहीं उनकी भी,
अपनी-अपनी दुश्वारियाँ हैं,
शिकायत करने बदले,
कोशिश बेहतरी की बहाल रखना ।
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कोई वादा नहीं कि दुनियादारी से,
थक कर चूर नहीं हो जाओगे,
इसलिये खुद ही बहल जाने की,
कुछ हुनर पाल रखना ।
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कभी न कभी रंग दुनिया के,
मटमैले हो ही जाते हैं,
जिंदगी से वफा की चाहत हो तो,
अपने रंग, गुलाल रखना ।
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