
अतीत से जुड़ा हुआ,
युग संधि पर मुड़ा हुआ,
कल्पना के चरम से भी अधिक,
प्रचण्ड रोमांच का पथिक,
निरंतरता की डोर से बँधा,
इतिहास की समिधा से बना,
काल का हविष्य हूँ,
अज्ञेय मैं भविष्य हूँ।
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अभेद्य चिर रहस्य हूँ,
लक्ष्य हूँ, आराध्य हूँ,
जीवन का इष्ट हूँ,
सृष्टि की रचना का साध्य हूँ,
भय और आशा का संधि क्षेत्र,
जिज्ञासा की क्षितिज के उस पार हूँ,
चेतना को अर्थ देता,
प्रत्यक्ष अलौकिकता साकार हूँ ।
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स्वप्न का सहचर मैं,
कल्पना का विस्तार हूँ,
इच्छा का सजग प्रहरी मैं,
आस्था का पवित्र विचार हूँ,
जनक हूँ मैं आशा का,
सृष्टि का निरंतर व्यापार हूँ,
निष्ठुर, संवेदना हीन जग विदित,
परंतु मूल चेतना का आधार हूँ,
संसार का परम प्रश्न चिन्ह,
समय का हूँ अग्रणी,
अनंत काल का मैं शिष्य हूँ,
वर्तमान के संघर्ष का सार,
अज्ञेय मैं भविष्य हूँ।
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